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भारत के लिए GEO: भाषा अपने ग्राहकों के हिसाब से चुनें

भारत में ग्राहक कई भाषाओं में जानकारी खोजते और खरीदारी करते हैं। केवल अंग्रेज़ी और हिंदी से हर ग्राहक समूह तक नहीं पहुँचा जा सकता। भाषा चुनने से पहले देखें कि आपके ग्राहक कहाँ काम करते हैं, किन शब्दों में सवाल पूछते हैं और किस भाषा में खरीद या सहायता की बातचीत करते हैं।

मान लीजिए आप सैलून के लिए अपॉइंटमेंट सॉफ़्टवेयर बेचते हैं। तो भुगतान, रिमाइंडर, कर्मचारियों का कैलेंडर, कीमत और शुरुआत का तरीक़ा — सब समझाएँ। ट्रेनिंग और सहायता उसी भाषा में मिले जिसका वादा बिक्री पेज पर किया गया है।

ग्राहक जैसे बोलते हैं, वैसे ही लिखें

कई ग्राहक अंग्रेज़ी और भारतीय भाषाओं को मिलाकर बोलते हैं, जैसे Hinglish। शब्द असली सवालों से लें; कीवर्ड भरने के लिए बनावटी मिश्रित वाक्य न गढ़ें। स्क्रीन पर जो नाम दिखते हैं उन्हें वैसे ही रखें और उनसे जुड़ी कार्रवाई पाठक की भाषा में समझाएँ।

कीमत की मुद्रा, भुगतान मासिक है या सालाना, लागू समय क्षेत्र और दूसरे सॉफ़्टवेयर से जुड़ने की सुविधाएँ स्पष्ट करें। अनुवाद पढ़कर ऐसा नहीं लगना चाहिए कि उत्पाद किसी स्थानीय भुगतान तरीके या सिस्टम के साथ काम करता है, जबकि वह सुविधा मौजूद ही न हो।

नई भाषा जोड़ने से पहले फ़ॉर्म और सहायता तैयार करें

पेज के साथ फ़ॉर्म, पुष्टि संदेश और ज़रूरी सहायता सामग्री का भी अनुवाद करें। ग्राहकों के डिवाइस पर टेक्स्ट कैसे दिखता है और फ़ॉर्म से क्या डेटा जाता है, यह जाँचें। हर संस्करण को अलग URL दें और समान पेजों को आपस में जोड़ें।

हर ग्राहक समूह के सवाल उसकी भाषा में AI से पूछें। जवाब में गलत तथ्य और वेबसाइट के लिंक अलग दर्ज करें। नई भाषा तभी जोड़ें जब ग्राहक की ज़रूरत हो और टीम उसमें जानकारी व सहायता दे सके। पेजों की संख्या बढ़ाने से अधिक ज़रूरी है कि ग्राहक अपना काम पूरा कर पाए।

स्रोत और आगे की जानकारी

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प्रकाशित: · geo-rank.ai संपादकीय टीम द्वारा जाँचा गया · हम कैसे जाँचते हैं