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वेबसाइट पर क्लिक घटे हैं: कारोबार पर कितना असर पड़ा?

कोई व्यक्ति खोज के नतीजों पर क्लिक नहीं करता तो वजहें कई हो सकती हैं: जवाब उसे वहीं मिल गया, उसने दूसरा सवाल पूछ लिया, कंपनी को फ़ोन कर दिया या खोज ही छोड़ दी। इसे zero-click खोज कहते हैं। सिर्फ़ यह देखकर कि वेबसाइट पर आने वाले घटे हैं, पता नहीं चलता कि असल में क्या हुआ और उसमें AI की क्या भूमिका थी।

शुरुआत उन पेजों और खोज शब्दों से करें जिनसे आने वाले क्लिक घटे हैं। तुलना के लिए मिलती-जुलती अवधियाँ लें और माँग, मौसम, रैंक व इंडेक्सिंग जाँचें। ब्रांड की खोज, सेवा चुनने वाली खोज और जानकारी वाले पेज अलग-अलग देखें।

पूछताछ और बिक्री के आँकड़े भी देखें

विज़िट की गिनती के साथ काम की पूछताछ, बुकिंग और कमाई भी देखें। एक काल्पनिक उदाहरण लें। 1,000 विज़िट में 2% लोगों ने पूछताछ की, यानी कुल 20 पूछताछ। अगली अवधि में विज़िट 700 रहीं, पर पूछताछ 3% लोगों ने की, यानी कुल 21। ट्रैफ़िक घटा, पूछताछ नहीं घटी।

आँकड़ों पर भरोसा करने से पहले फ़ॉर्म और मापने की व्यवस्था जाँच लें। ग्राहक कहे कि “AI से मिला”, तो यह काम की बात है, पर उसकी याद अधूरी हो सकती है। स्रोत रिपोर्ट भी खरीद से पहले के सारे संपर्क नहीं दिखाती।

वेबसाइट पर आने से ग्राहक का काम आसान होना चाहिए

आम सवालों के सीधे जवाब दें। जो व्यक्ति खरीद का फ़ैसला कर रहा है, उसे उत्पाद की उपलब्धता, दूसरे उपकरणों के साथ काम करने की शर्तें, उपयोग के उदाहरण या लागत का कैलकुलेटर चाहिए हो सकता है। सेवा का पेज हो तो बताएँ कि कीमत का प्रस्ताव कैसे मिलेगा। क्लिक बढ़ाने के चक्कर में ज़रूरी जानकारी न छिपाएँ।

बदलाव का असर देखने के लिए उतना समय दें जितना आपके कारोबार में लगता है, और नतीजे को पूछताछ या बिक्री से जोड़कर देखें। AI के जवाब में वेबसाइट का लिंक आना काम का हो सकता है, पर उससे कमाई होना अलग बात है। दूसरों के अध्ययनों में छपे zero-click प्रतिशत आपकी अपनी वेबसाइट के आँकड़ों की जगह नहीं ले सकते।

स्रोत और आगे की जानकारी

प्रकाशित: · geo-rank.ai संपादकीय टीम द्वारा जाँचा गया · हम कैसे जाँचते हैं